Special Maternity Leave: नवजात की मौत होने पर महिला कर्मचारियों को मिलेगी 60 दिन की छुट्टी, जानें पूरा नियम

By: Team Exam Samachar

On: 5 August, 2026

अगर आप एक केंद्र सरकार की महिला कर्मचारी हैं, तो ये जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है। डिलिवरी के तुरंत बाद अगर नवजात शिशु की मौत हो जाती है, तो सरकार ऐसी महिला कर्मचारियों को 60 Days Special Maternity Leave देती है। ये फैसला Department of Personnel and Training (DoPT) की तरफ से लिया गया था, और आज भी लागू है।

चलिए इस नियम को आसान भाषा में समझते हैं।

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ये नियम क्यों बनाया गया

डिलिवरी के दौरान या उसके तुरंत बाद अगर बच्चे की मौत हो जाए, तो मां को जो सदमा पहुंचता है, वो शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इसी emotional trauma को समझते हुए सरकार ने ये फैसला लिया।

DoPT को कई महिला कर्मचारियों की तरफ से ये सवाल मिल रहे थे कि ऐसी स्थिति में leave rules क्या हैं। इसके बाद Ministry of Health and Family Welfare से बातचीत करके ये आदेश जारी किया गया।

कितनी छुट्टी मिलेगी और कब से मिलेगी

सरल शब्दों में समझें तो:

स्थितिनियम
पहले से Maternity Leave चल रही हो और उसी दौरान बच्चे की मौत हो जाएपहले वाली leave को किसी और leave में बदला जा सकता है, और उसके बाद 60 दिन की Special Maternity Leave अलग से मिलेगी
अगर Maternity Leave अभी तक ली ही नहीं थीबच्चे की मौत की तारीख से सीधे 60 दिन की Special Maternity Leave मिलेगी
मृत बच्चे का जन्म हो (Stillbirth)इस स्थिति में भी 60 दिन की छुट्टी का प्रावधान है

यानी दोनों ही हालात में महिला कर्मचारी को पूरे 60 दिन की छुट्टी जरूर मिलेगी, बस calculation का तरीका अलग होगा।

Stillbirth और नवजात की मौत की परिभाषा क्या है

इस आदेश में दो शब्दों को साफ-साफ define किया गया है:

  • अगर बच्चा जन्म के 28 दिनों के अंदर मर जाता है, तो उसे “जन्म के तुरंत बाद मौत” माना जाएगा
  • अगर बच्चा 28 हफ्तों के गर्भ के बाद बिना जीवन के लक्षणों के पैदा होता है, तो उसे Stillbirth कहा जाएगा

ये definitions इसलिए जरूरी हैं क्योंकि इन्हीं के आधार पर तय होता है कि कर्मचारी इस leave के लिए eligible है या नहीं।

इस Leave की Eligibility क्या है

हर महिला कर्मचारी को ये फायदा नहीं मिलता। कुछ शर्तें भी हैं:

ConditionDetail
नौकरी का प्रकारसिर्फ Central Government की महिला कर्मचारी
बच्चों की संख्याजिनके पहले से 2 से कम जीवित बच्चे हों
डिलिवरी कहां हुई होAuthorised hospital में ही (Government hospital या CGHS empanelled private hospital)
Emergency caseअगर non-empanelled hospital में emergency delivery हुई हो, तो Emergency Certificate देना जरूरी होगा

Contractual या temporary कर्मचारी इस स्कीम के दायरे में नहीं आते, ये सिर्फ regular central government employees के लिए है।

Full Pay मिलेगी या नहीं

हां, इस पूरी 60 दिन की Special Maternity Leave के दौरान कर्मचारी को उसकी पूरी सैलरी मिलती रहेगी। इसके लिए किसी अलग medical certificate की जरूरत नहीं होती, अगर पहले से माँ maternity leave पर थी।

Apply कैसे करें

अगर आप इस स्थिति से गुजर रही हैं, तो अपने department के HR या establishment section से संपर्क करें। जरूरी दस्तावेज (medical records, delivery certificate) के साथ आवेदन देना होगा, ताकि आपकी leave sanction हो सके।

ये फैसला क्यों अहम है

ये सिर्फ एक leave rule नहीं है, बल्कि एक sensitive मुद्दे को समझने की कोशिश है। एक मां के लिए बच्चे को खोना सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि गहरा मानसिक झटका भी होता है। इस दौरान अगर उसे तुरंत काम पर लौटना पड़े, तो recovery और मुश्किल हो जाती है।

इसीलिए सरकार का ये कदम कई लोगों की तरफ से सराहा गया, क्योंकि ये सिर्फ नियम नहीं, बल्कि इंसानियत को दिखाता है।

Komal

Komal

कोमल एक Education Blogger और Content Writer हैं, जो शिक्षा समाचार, सरकारी नौकरियों और परीक्षा अपडेट से संबंधित विषयों पर लेखन करती हैं। She is dedicated to providing accurate, reliable, and latest information to students, teachers, and aspirants.

Team Exam Samachar

Team Exam Samachar (examsamachar.com), Written by The Writer and Research Team of Exam Samachar ( Exam समाचार )

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