राजस्थान में नगरीय निकाय आम चुनाव की तारीखें तय हो चुकी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार मतदान 9 सितम्बर 2026 (प्रथम चरण) और 11 सितम्बर 2026 (द्वितीय चरण) को होगा। इसी को लेकर श्रम विभाग ने आदेश जारी किया है कि मतदान वाले दिन कर्मचारियों को वोट डालने के लिए सवेतन अवकाश देय है।
मतदान के दिन छुट्टी का नियम क्या है?
यह कोई नया नियम नहीं है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135(ख) में पहले से लिखा है कि किसी भी कारोबार, व्यवसाय, औद्योगिक उपक्रम या अन्य स्थापन में काम करने वाला हर वह व्यक्ति, जो मतदान का हकदार है, मतदान के दिन अवकाश पाने का अधिकार रखता है।
राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 28 के चलते यही प्रावधान नगरीय निकाय चुनावों पर भी लागू होता है। यानी विधानसभा या लोकसभा चुनाव की तरह ही नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका के चुनाव में भी यह छुट्टी मिलेगी।
क्या यह छुट्टी सवेतन होगी
हाँ। इस छुट्टी की वजह से मजदूरी में कोई कटौती नहीं की जा सकती। जो कर्मचारी दिहाड़ी पर काम करते हैं और सामान्य तौर पर छुट्टी वाले दिन की मजदूरी नहीं पाते, उन्हें भी उस दिन की पूरी मजदूरी दी जाएगी।
अगर कोई नियोजक इस प्रावधान का उल्लंघन करता है तो उस पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
मतदान उपस्थिति प्रमाण पत्र क्या है
कई कर्मचारियों से उनका संस्थान यह सबूत माँगता है कि उन्होंने सचमुच वोट डाला था, तभी उस दिन की छुट्टी सवेतन मानी जाती है। इसी के लिए उपस्थिति प्रमाण पत्र का प्रारूप बनाया गया है।
इसकी दो प्रतियाँ होती हैं — एक मतदाता केंद्र प्रति, जो मतदान केंद्र के रिकॉर्ड में रहती है, और दूसरी मतदाता प्रति, जो कर्मचारी अपने पास रखता है और कार्यालय में जमा करता है।
प्रमाण पत्र में क्या-क्या भरना होता है
- कर्मचारी का नाम (श्री / श्रीमती / कुमारी)
- पद और पदस्थापन स्थान
- मतदान की दिनांक
- नगर निगम / नगर परिषद / नगर पालिका क्षेत्र का नाम
- वार्ड नम्बर और मतदान केन्द्र संख्या
- निर्वाचक नामावली में मतदाता क्रम संख्या
सबसे नीचे पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर और मतदान केन्द्र की सील मुहर लगती है। इसके बिना प्रमाण पत्र मान्य नहीं होता।
नोट :- उक्त उपस्तिथि प्रपत्र आप सभी कर्मचारियो की सुविधा के लिए बनाया गया है। अतः इससे अधिक से अधिक कर्मचारी साथियों को शेयर अवश्य करे।
प्रमाणित किया जाता है कि श्री/श्रीमती/कुमारी
पद पदस्थापन स्थान
ने दिनांक को नगर निगम/नगर परिषद/नगर पालिका क्षेत्र
के वार्ड नम्बर की निर्वाचक नामावली में मतदान केन्द्र संख्या पर उपस्थित
होकर (मतदाता क्रम संख्या ) अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
सील मुहर मतदान केन्द्र संख्या
प्रमाणित किया जाता है कि श्री/श्रीमती/कुमारी
पद पदस्थापन स्थान
ने दिनांक को नगर निगम/नगर परिषद/नगर पालिका क्षेत्र
के वार्ड नम्बर की निर्वाचक नामावली में मतदान केन्द्र संख्या पर उपस्थित
होकर (मतदाता क्रम संख्या ) अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
सील मुहर मतदान केन्द्र संख्या
फ़ॉर्म ऑनलाइन कैसे भरें
नीचे दिए गए फ़ॉर्म में आप उपस्थिति प्रमाण पत्र सीधे ऑनलाइन भर सकते हैं और उसी लेआउट में PDF सेव करके प्रिंट निकाल सकते हैं। दोनों प्रतियाँ एक ही A4 पेज पर आती हैं, इसलिए ऊपर वाली प्रति भरते ही नीचे वाली अपने आप भर जाती है।
PDF बनाने के लिए प्रिंट विंडो में Destination में Save as PDF चुनें और Margins में None रखें, ताकि लेआउट बिल्कुल वैसा ही रहे।
छुट्टी न मिले तो शिकायत कहाँ करें
अगर आपके संस्थान ने मतदान के दिन छुट्टी देने से मना कर दिया, तो इसकी शिकायत सम्बन्धित रिटर्निंग अधिकारी या जिला निर्वाचन अधिकारी को की जा सकती है। तथ्यों सहित जानकारी देने पर सम्बन्धित नियोजक पर दण्डात्मक कार्यवाही की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या निजी कंपनी के कर्मचारी को भी छुट्टी मिलेगी?
हाँ। धारा 135(ख) राजकीय और निजी, दोनों क्षेत्रों के कार्मिकों पर समान रूप से लागू होती है।
क्या प्रमाण पत्र मतदान केंद्र पर ही भरना होगा?
आप विवरण पहले से भरकर प्रिंट ले जा सकते हैं। मतदान के बाद पीठासीन अधिकारी से हस्ताक्षर और सील मुहर लगवानी होगी।
प्रमाण पत्र खो जाए तो क्या करें?
इसीलिए दो प्रतियाँ बनाई जाती हैं। मतदाता प्रति खो जाने पर सम्बन्धित मतदान केंद्र के रिकॉर्ड से जानकारी की पुष्टि करवाई जा सकती है।
